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यूपी को मिलेंगे तीन कार्गो पोर्ट और चार ट्रेनिंग सेंटर

सिंगापूर कंपनी ने भेजा मुख्यमंत्री को सहमति पत्र

 
यूपी को मिलेंगे तीन कार्गो पोर्ट और चार ट्रेनिंग सेंटर
कुशीनगर एयरपोर्ट बनेगा कार्गो हब

कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कार्गो पोर्ट बनाने की उम्मीदों को पंख लग गए हैं। सिंगापुर की कम्पनी ने इस बारे में राज्य सरकार को सहमति पत्र भेज दिया है। यानी अब कुशीनगर दोगुनी तरक्की करेगा। सिर्फ पर्यटन ही नहीं, बड़े व्यापारिक केन्द्र के तौर पर भी विकसित होगा।

कुशीनगर, जेवर और लखनऊ में कार्गो हब बनाएगी कंपनी 

यूपी इन्वेस्टर्स समिट में कार्गो पोर्ट के लिए पहल करने वाली कंपनी एयर इण्डिया सैटस ( सिंगापूर एयरपोर्ट टर्मिनल सर्विसेज लिमिटेड ) उत्तर प्रदेश के कुशीनगर, जेवर और लखनऊ में कार्गो पोर्ट बनाने पर सहमत हो गयी है। इसके अलावा कंपनी गोरखपुर, वाराणसी , लखनऊ और नोएडा में एयरपोर्ट ट्रेनिंग खोलने को भी  तैयार है। सरकार अगर बुनियादी सुबिधाये उपलब्ध कराये तो ट्रेनिंग सेंटर यथा शीघ्र खोल दिए जायेगे। कंपनी ने अपना सहमति पत्र मुख्यमंत्री आपिस को भेज दिया है। 

कंपनी प्रशिक्षित कर देगी रोजगार  

कंपनी का कहना है कि अगर सरकार बुनियादी सुबिधा उपलब्ध कराये तो कम्पनी शीघ्र ही ट्रेनिंग सेंटर खोल देगी। एक ट्रेनिंग सेंटर से चार शिफ्ट में 40 से 50 बच्चो को ट्रेनिंग मिलेगी। जो ट्रेनिंग कर बच्चे निकलेंगे उन ज्यादातर बच्चो को अपने ही रख लेगी। 

बता दे कि एयरपोर्ट पर अलग - अलग तरह की समानो की सुरक्षित रखने, लोडिग अनलोडिंग के लिए खास तरह के ट्रेनिंग की जरूरत पड़ती है। रीजनल कनेक्टिविटी योजना के तहत  केंद्र और राज्य सरकार के हवाई सेवा के विस्तार पर खासा जोर है। इसके तहत मंडल मुख्यालय पर एयर पोर्ट खोलने की योजना है। 


अंतर्राष्टीय अस्तर के किसी एयरपोर्ट पर कार्गो हैंडलिंग का कार्य तीन शिफ्ट में होता है। आम तौर पर एक समान्य एयरपोर्ट पर 800 से 1000 लोग ये काम करते है। अगर एयरपोर्ट बड़ा हो तो ये संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में ये केंद्र युवाओ को रोजगार देने में बहुत प्रभावशाली जरिया बन सकता है। 

बता दे कि एयर इंडिया सैट्स शुरू में प्रदेश की किसी एक कार्गो में 100 करोड़ रूपये निवेश करने की इच्छुक थी।  लेकिन यूपी इन्वेस्टर्स समिट से पहले मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्य नाथ और मुख्य सचिव एस पी गोयल से मुलाकात के बाद कंपनी के अधिकारियो ने बेहतर सम्भावनाओ के मद्देनजर अपने काम को विस्तार देने का मन बनाया। 


आठ मार्च को कंपनी के अधिकारियो ने प्रस्तावित निवेश योजना की सम्भावनाओ को पता करने ले लिए सरकारी विमान से लखनऊ, कुशीनगर, रसूलपुर (कानपूर देहात ) और मुरादाबाद का दौरा किया था। इसके बाद कंपनी ने कार्गो हैंडलिंग और कार्गो प्रशिक्षण केंद्र के विस्तार को अंतिम रूप देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को इससे अवगत करा दिया। 

मालूम हो कि प्रदेश के विकाश में इसका लैंडलॉक्ड होना सबसे बड़ा बढ़ा रहा है नए एयरपोर्ट खुलने और कार्गो हैंडिलिंग की बेहतर सुबिधा से लैंडलॉक्ड टूटने से प्रदेश की उत्पादों को बंदरगाहों और देशविदेश भेजने में सुभीधा होगी। इससे उत्तर प्रदेश के विकाश में बहुत लाभ होगा। 


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