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दुष्कर्म की पीड़िता के पिता की ‘पुलिस कस्टडी’ में मौत, नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री को तुरंत इस्तीफ़ा दे देना चाहिए : अखिलेश यादव


दुष्कर्म की पीड़िता के पिता की ‘पुलिस कस्टडी’ में मौत, नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री को तुरंत इस्तीफ़ा दे देना चाहिए : अखिलेश यादव
श्री अखिलेश यादव 

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने उन्नाव की घटना पर दुःख जताते हुए बलात्कार पीड़ित लड़की के पिता की मौत जिन संदिग्ध परिस्थितियों में हुयी है उसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की शर्मनाक घटना के बाद मुख्यमंत्री को एक पल भी अपने पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। यह मामला बहुत ही गंभीर है। इसमें सत्ताधारी दल के विधायक पर सीधा सीधा आरोप है। श्री यादव ने कहा कि महिलाओं के मान की रक्षा के लिये नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।


श्री यादव ने उन्नाव की घटना पर ट्वीट कर योगी सरकार पर हमला बोलते हुए लिखा है, ' मुख्यमंत्री आवास पर आत्मदाह की कोशिश करनेवाली दुष्कर्म की पीड़िता के पिता की ‘पुलिस कस्टडी’ में दर्दनाक मृत्यु अत्यंत दुखदायी है। इसकी सर्वोच्च स्तरीय निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। महिलाओं के मान की रक्षा के लिए नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री को तुरंत इस्तीफ़ा दे देना चाहिए। '



'आज प्रदेश में एक मजबूर महिला इज़्ज़त गँवाकर इंसाफ़ पाने के लिए ख़ुद को जलाकर मारने की कोशिश करते-करते पुलिस कस्टडी में अपने पिता को भी गँवा बैठी है। सरकार को अपने लोगों पर कार्रवाई करने के लिए अब और क्या सबूत चाहिए. प्रदेश की हर बच्ची, महिला, माता-पिता इस घटना से डरे-सहमे हैं।'



पूर्व मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में बच्चियों से बलात्कार की घटनाओं की बाढ़ आ गयी है। उन्नाव की बेटी के साथ बलात्कार की बात कोई सुनने वाला नहीं है। पीड़ित लड़की ने लखनऊ आकर मुख्यमंत्री का दरवाजा खटखटाया, लेकिन न्याय नहीं मिला। लड़की ने यह आरोप लगाया कि उनके पिता जी और चाचा को फर्जी केस में फंसाया गया है और उल्टे उन्नाव जेल में यातनायें दी जा रही थी। पीड़ित लड़की ने आरोप लगाया कि भाजपा विधायक एवं उनके भाई ने बलात्कार किया, और उसके पिता पर आरोप वापस करने का दबाव दिया जा रहा था। यह बेहद गंभीर घटना हैं पीड़ित लड़की के पिता को दी गई यातना में मौत सरकार की मंशा पर सवालिया निशान उठा रहे है? इस सरकार में महिलाएं-बेटियां तक सुरक्षित नहीं है।

  

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