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भ्रष्ट अधिकारियो के खिलाफ योगी सरकार की बड़ी कार्यवाही, 200 अधिकारी बर्खास्त

योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश 



लखनऊ : भ्रष्टाचारी अभिकारियो, सरकारी कर्मचारी और मंत्री उत्तर प्रदेश में जांच के दायरे में हैं। इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो वरिष्ठ मंत्रियों के कामकाज से नाखुश हैं, लेकिन नौकरशाहों और सरकारी अधिकारियों को कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। देश के मशहूर अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स के लिस्ट के अनुसार, 72 विभागों में से 29 के 201 कर्मचारियों को पहले ही गुलाबी पर्ची दी गई है। ये कर्मचारी 50 वर्ष से अधिक उम्र के भी थे।






योगी सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "उनकी उम्र से अधिक यह उनका प्रदर्शन था, जिसके कारण उनकी जबरन सेवानिवृत्ति हुई।" अन्य 417 कर्मचारियों जिनमें कुछ क्लास वन दर्जे के अधिकारी भी शामिल हैं को या तो निलंबित कर दिया गया है या नौकरी से निकाला जा सकता है। उनमें से अधिकांश पर बुरे प्रदर्शन या भ्रष्टाचार के आरोप हैं। लिस्ट के अनुसार, राज्य के बिजली विभाग में अधिकतम 169 कर्मचारी हैं, जिन्हें निलंबित कर दिया गया है या जिनको नौकरी जाने का खतरा है।


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यूपी सरकार के परिवहन विभाग के 37, बेसिक शिक्षा के 26 और पंचायती राज विभाग से 25 अधिकारियों और कर्मचारियों को बुरे प्रदर्शन के लिए चिंहित किया गया है। गृह विभाग के 51 कर्मचारियों को पहले ही जबरन सेवानिवृत्ति दी जा चुकी है। यूपी के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा, ''भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ जांच चल रही है। हमारी सरकार की भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति है।''


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योगी सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "तबादलों में अधिक पारदर्शिता की ब्यवस्था की जाएगी, जो कई बेईमान अधिकारियों के लिए कमाई का एक स्रोत बन गया था, जिनके ऊपर अब कड़ी नजर रखी जा रही है। बुधवार को जल निगम की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए, सीएम योगी ने कहा कि अच्छे प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को पुरस्कृत किया जाएगा, जबकि प्रदर्शन न करने पर बाहर का दरवाजा भी दिखाया जाएगा। उन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए जो अपना काम नहीं कर रहे हैं। हम बेईमान अधिकारियों को जेल भेजने में संकोच नहीं करते। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) उनकी संपत्तियों को भी जब्त कर सकता है।







बिगत दिनों में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने कार्रवाई की धमकी दी थी। उन्होंने कहा था कि तीन दिनों से अधिक समय तक फाइलें रुकी रही तो कार्रवाई होगी। 


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