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कोरोना की जंग के जांबाजों के लिए सीएम का घंटनाद, 15 जिलों मेंं लॉक डाउन का एलान

सीएम योगी आदित्यनाथ 


गोरखपुर : कोरोना से बचाव के लिए पिएम नरेन्‍द्र मोदी की अपील पर रविवार को सुबह सात बजे शुरू हुए जनता कर्फ्यू का व्‍याप्‍क असर दिखा। लोगों ने घरों में रहकर कोरोना से जंग में साथ दिया। सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में कोरोना की जंग के जांबाजों के लिए घंटनाद किया। 






सीएम योगी ने ऐलान किया कि15 जिलों को लॉक डाउन किया जाएगा। 15 जिलों में आगरा, लखनऊ, गौतमबुद़धनगर, गाजियाबाद, मुरादाबाद, वाराणसी, लखीमपुर खीरी, बरेली, आजमगढ़, कानपुर, मेरठ,प्रयागराज,अलीगढ़, गोरखपुर और सहारनपुर। 






मुख्यमंत्री  योगी आदित्य नाथ ने शाम पांच बजते ही गोरखनाथ मंदिर में अपने कमरे से वह बाहर निकले। कोरोना की जंग में सबसे आगे रहकर खुद की परवाह न करते हुए दूसरों की मदद कर रहे डॉक्‍टरों, पैरामेडिकल स्‍टाफ, सेना, अद़र्धसैनिक बल, पुलिस के जवानों, प्रशासन के अधिकारियों-कर्मचारियों, विभिन्‍न संगठनों और तमाम ज्ञात-अज्ञात लोगों के प्रति कृतज्ञता और सम्‍मान प्रकट किया। उधर सारे प्रदेश में लोगों ने घरों के दरवाजे, छतों, बालकनियों में आए लोगों ने ताली, थाली और घंटी बजाकर कोरोना से जंग में फ्रंट फुट पर लड़ रहे शंख और नगाड़ों की धुन भी करीब आधे घंटे तक सुनाई देती रही।





सीएम योगी ने लोगों से अपील की कि रात नौ बजे के बाद भी घरों से न निकलें। लेकिन थोड़ी देर बाद ही सूचना आई कि सुबह छह बजे तक जनता कर्फ्यू को जारी रखने की अपील की गई है। जाहिर है खतरा बड़ा है इसलिए इस खतरे से निपटने के उपाय भी बड़े किए जा रहे हैं। जनता कर्फ्यू के चलते ट्रेन-बसें सब बंद रहीं। इससे बाहर से सुबह पहुंचने वाले या किसी बेहद जरूरी काम से निकलने वाले लोगों को तकलीफ भी हुई लेकिन कोरोना से बचाव के लिए लोग ये तकलीफें बिना शिकायत सह गए। 




हालांकि कुछ जिलों में प्रशासन ने ऐसे लोगों को मदद कर उनके घरों तक पहुंचाया भी। मसलन, बस्‍ती के डीएम ने कुशीनगर एक्‍सप्रेस से पहुंचे दो सौ यात्रियों को घर पहुंचाने के लिए बस का इंतजाम किया तो गोरखपुर और देवरिया स्‍टेशन पर भी सुबह की ट्रेनों से आए लोगों की सेहत की जांच-परख की गई।




लेकिन अस्‍पतालों की ओपीडी बंद थी सो सामान्‍य मरीजों को वापस लौटना पड़ा। उधर, नेपाल ने सोनौली सीमा से भारतीय निजी वाहनों का प्रवेश बंद रखा। बढ़नी सीमा से सिर्फ मालवाहक वाहनों को ही प्रवेश दिया जा रहा है। बढ़नी-कृष्‍णानगर बार्डर पर भी रोक लगी हुई है। प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप जनता कर्फ्यू का मोर्चा जनता ने ही सम्‍भाला। नतीजा यह हुआ कि मुख्‍य सड़कें ही नहीं गली-मोहल्‍लों में भी सन्‍नाटा पसरा रहा। 




इस बीच लोग घरों में रोज से अलग हटकर कुछ नया करते भी नज़र आए। मसलन, बस्‍ती की हर्रैया सीट से भाजपा विधायक अजय सिंह ने किचेन का मोर्चा सम्‍भाल लिया। अलग-अलग ढंग से अपना समय काटा।





जनता कर्फ्यू और कोरोना की मार शादी ब्‍याह पर भी पड़ी। महराजगंज के बेलभार गांव में मोहम्‍मद आजाद को अपने निकाह का वक्‍त बदलना पड़ा तो नेपाल से भारतीय क्षेत्र में शादी के लिए आ रहे दूल्‍हे को न सिर्फ गाड़ी छोड़ पैदल सीमा पार कर आना पड़ा बल्कि वहां मौजूद डाक्‍टरों की टीम से स्‍वास्‍थ्‍य जांच में तसल्‍ली के बाद ही उसे आगे बढ़ने की इजाजत मिली। वहीं सीमा पर स्थित भारतीय क्षेत्र के खनुआ से अंतिम संस्‍कार के लिए नेपाल के त्रिवेणी धाम ले जाए जा रहे एक शव को भी सीमा पर रोक दिया गया। 

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